₹2,000 तक UPI पेमेंट फ्री रहेगा, बड़ी रकम पर अभी कोई चार्ज नहीं: सरकार ने साफ किया नियम

दिल्ली: यूपीआई पेमेंट को लेकर चल रही अटकलों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। सरकार ने कहा है कि फिलहाल ₹2,000 तक के यूपीआई पेमेंट पर बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर किसी तरह की डायरेक्ट या इनडायरेक्ट फीस नहीं लगा सकते। रुपे डेबिट कार्ड से होने वाले पेमेंट को भी इस व्यवस्था में शामिल किया गया है।

दरअसल, अगस्त 2026 में संसद ने टैक्सेशन एंड अदर लॉज अमेंडमेंट एक्ट पास किया था। इसके जरिए पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट की धारा 10A में बदलाव किया गया। इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि ₹2,000 से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाया जा सकता है।

लेकिन अभी ऐसा कोई चार्ज लागू नहीं हुआ है। अगर भविष्य में ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर फीस लगानी है, तो सरकार को इसके लिए अलग से नियम और दरें तय करनी होंगी।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ₹2,000 कोई नई यूपीआई पेमेंट लिमिट नहीं है। आप इससे ज्यादा रकम यूपीआई के जरिए भेज सकते हैं। वहीं, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति यानी P2P पेमेंट मुफ्त रहने की बात सरकार ने स्पष्ट की है।

संभावित चार्ज की चर्चा मुख्य रूप से बड़े मर्चेंट पेमेंट को लेकर है। यानी दुकानदार या कारोबारी को बड़ी रकम का यूपीआई पेमेंट करने पर भविष्य में MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू किया जा सकता है। हालांकि इसकी दर अभी तय नहीं हुई है।

सरकार का कहना है कि यूपीआई सिस्टम को सुरक्षित रखने, साइबर फ्रॉड रोकने, तकनीक को अपग्रेड करने और इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने में लगातार खर्च होता है। इसलिए भविष्य में बड़ी कारोबारी पेमेंट पर शुल्क की व्यवस्था बनाई जा सकती है।

फिलहाल आम यूजर के लिए राहत की बात यही है—₹2,000 तक के यूपीआई पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं है और ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर भी अभी कोई नई फीस लागू नहीं हुई है।

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